झारखंड – जंगलों, संस्कृति और विरासत की धरती

झारखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और संघर्ष की जीवंत पहचान है। घने जंगलों की हरियाली, भव्य जलप्रपात, समृद्ध जनजातीय परंपराएँ और खनिज संपदा से भरपूर यह धरती अपनी विशिष्ट विरासत के लिए जानी जाती है। इस पोर्टल के माध्यम से झारखंड के इतिहास, सभी जिलों, संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी सम्पूर्ण एवं विश्वसनीय जानकारी एक ही स्थान पर प्राप्त करें।

Jharkhand Tribal Language

झारखंड की जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाएँ

झारखंड की जनजातीय भाषाएँ जैसे संथाली, मुंडारी, हो और कुड़ुख यहाँ की संस्कृति और परंपरा को दर्शाती हैं। वहीं नागपुरी, खोरठा , कुड़माली और पंचपरगनिया क्षेत्रीय जीवन में व्यापक रूप से बोली जाती हैं।

विस्तार से पढ़ें
Jharkhand Introduction

झारखंड का परिचय

झारखंड भारत के पूर्वी भाग में स्थित एक प्राकृतिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। इसका गठन 15 नवंबर 2000 को हुआ और राजधानी रांची है। घने जंगल, पहाड़, नदियाँ और जलप्रपात इसकी प्रमुख पहचान हैं।

यह राज्य खनिज संपदा से भरपूर है तथा आदिवासी संस्कृति यहाँ के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संथाल, मुंडा, हो और उरांव जैसी जनजातियाँ अपनी भाषा, नृत्य और परंपराओं से राज्य को विशेष बनाती हैं।

और जानें
Sarhul Festival Jharkhand

झारखंड के प्रमुख त्योहार

झारखंड में सरहुल, कर्मा, सोहराय और तुसू जैसे त्योहार प्रकृति, परंपरा और सामुदायिक जीवन से जुड़े हैं। इन पर्वों में नृत्य, गीत और पारंपरिक रीति-रिवाजों की खास भूमिका होती है।

और पढ़ें

जनजाति

Tribe

झारखंड, जिसे "वनों की भूमि" भी कहा जाता है, अपनी समृद्ध और विविध जनजातीय आबादी के लिए जाना जाता है, जो राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 26% है। यहाँ 32 आधिकारिक अनुसूचित जनजातियाँ निवास करती हैं, जिनकी पहचान उनकी विशिष्ट संस्कृति, परंपराओं और संघर्षपूर्ण इतिहास से जुड़ी है।

विस्तार से जानें →