झारखण्ड के राज्य प्रतीक

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Jharkhand State Emblem

झारखण्ड का राज्य चिन्ह

Jharkhand State Emblem

15 अगस्त 2020 को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर झारखण्ड के राज्यपाल Droupadi Murmu ने राज्य का नया चिन्ह जारी किया। यह चिन्ह राज्य की संस्कृति, जैव विविधता, जनजातीय पहचान और प्राकृतिक संसाधनों को बेहतर तरीके से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से बनाया गया था। इस चिन्ह को Hemant Soren की मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति दी थी। यह कार्यक्रम कोविड-19 महामारी के कारण सादगीपूर्ण तरीके से Aryabhatta Auditorium में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके पिता Shibu Soren, विधानसभा अध्यक्ष Rabindra Nath Mahato तथा अन्य मंत्री उपस्थित थे।

🐘 हाथी

बाहरी रिंग – हाथी राज्य पशु हाथी शक्ति, वन संपदा और समृद्धि का प्रतीक। हाथी झारखण्ड के वन और शक्ति का प्रतीक है।

🌺 पलाश

पलाश का फूल झारखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता को दर्शाता है।

🕺 आदिवासी आकृतियाँ (48) (सोहराय चित्रकला)

यह झारखण्ड की जनजातीय संस्कृति और सामूहिक जीवन का प्रतीक हैं।

🇮🇳 अशोक स्तंभ

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक जो न्याय और सत्य को दर्शाता है।

झारखण्ड राज्य चिन्ह में “48 लोग” होने की कोई आधिकारिक सरकारी जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह बात अक्सर इंटरनेट या कोचिंग नोट्स में गलत तरीके से बताई जाती है। ❗ महत्वपूर्ण आधिकारिक स्रोतों में “48 लोगों” का कोई उल्लेख नहीं है। अंदर जो आकृतियाँ दिखती हैं वे आदिवासी नृत्य और संस्कृति के प्रतीक हैं, न कि 48 लोगों की संख्या। 📌 आधिकारिक स्रोत जहाँ आप देख सकते हैं timesofindia timesofindia thehindu Wikipedia: Emblem of Jharkhand jharkhand government official notice